मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में शारदीय नवरात्रि मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नवरात्रि के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भक्तों को 24 घंटे में 20 घंटे दर्शन का अवसर मिलेगा, जबकि शृंगार के दौरान एक-एक घंटे के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
नवरात्रि में बदल जाएंगे मां विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन के नियम
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में शारदीय नवरात्रि मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर में दर्शन व्यवस्था से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है।
नवरात्रि के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा। इसके साथ ही मां के चरण स्पर्श पर भी रोक रहेगी। भक्तों को बाहर से ही मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने की व्यवस्था रहेगी।
20 घंटे तक मां के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का समय लंबा रखा गया है। मंदिर में 24 घंटे में करीब 20 घंटे तक दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
मां के शृंगार के समय मंदिर के कपाट एक-एक घंटे के लिए बंद किए जाएंगे। शेष समय में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालना और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
चरण स्पर्श पर भी रहेगा प्रतिबंध
नवरात्रि के दौरान मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित दर्शन व्यवस्था के तहत ही मंदिर में पूजा और दर्शन करने होंगे।
भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
VIP दर्शन को लेकर भी बनी व्यवस्था
नवरात्रि मेले की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में VIP श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर भी चर्चा हुई। दोपहर दो बजे के बाद VIP दर्शन की व्यवस्था किए जाने पर सहमति बनी है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कम से कम परेशानी हो और भीड़ को अलग-अलग समय के अनुसार व्यवस्थित किया जा सके।
8 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश
नवरात्रि मेले को देखते हुए संबंधित विभागों को तैयारियों से जुड़े काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को 8 अक्टूबर तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया है।
मंदिर परिसर में रंगाई-पुताई का काम भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा सफाई और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर भी विशेष व्यवस्था
विंध्याचल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा के बढ़े जलस्तर को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।
घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है। नाव संचालन को लेकर भी सुरक्षा नियमों को सख्त किया गया है। नाव से यात्रा करने वाले लोगों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा।
घाटों पर जमा सिल्ट से बढ़ी परेशानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद विंध्याचल के कुछ घाटों पर सिल्ट जमा हो गई है। श्रद्धालुओं के प्रमुख स्नान स्थलों में शामिल अखाड़ा घाट तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति भी बेहतर करने की जरूरत बताई गई है।
कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने, नालियों में परेशानी और कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को दिक्कत हो सकती है। नवरात्रि मेले से पहले इन व्यवस्थाओं को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन रोड का काम भी पूरा होना जरूरी
विंध्याचल रेलवे स्टेशन से मंदिर और घाटों की ओर जाने वाले रास्ते पर चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं।
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर इन रास्तों पर यातायात का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में सड़क और सीवर से जुड़े अधूरे कामों को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
नवरात्रि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के विंध्याचल पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से दर्शन, सुरक्षा, सफाई, बिजली, यातायात और घाटों की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का प्रयास है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के दौरान कम से कम परेशानी हो और भीड़ को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
नवरात्रि में विंध्याचल जाने वालों के लिए जरूरी बात
अगर आप शारदीय नवरात्रि के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल जाने की योजना बना रहे हैं, तो मंदिर के नए दर्शन नियमों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
इस दौरान गर्भगृह में प्रवेश और चरण स्पर्श की अनुमति नहीं रहेगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित कतार और दर्शन व्यवस्था का पालन करना होगा। गंगा घाटों पर भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
FAQ
नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा?
नहीं। शारदीय नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श कर सकेंगे?
नहीं। नवरात्रि के दौरान मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श पर रोक रहेगी।
नवरात्रि में कितने घंटे मां विंध्यवासिनी के दर्शन होंगे?
श्रद्धालुओं को 24 घंटे में करीब 20 घंटे मां विंध्यवासिनी के दर्शन का अवसर मिलेगा। शृंगार के समय मंदिर के कपाट एक-एक घंटे के लिए बंद रहेंगे।
नवरात्रि मेला 2026 कब शुरू होगा?
शारदीय नवरात्रि मेला 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
क्या नवरात्रि में गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बदलेगी?
गंगा का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के लिए फ्लोटिंग बैरिकेडिंग की तैयारी की जा रही है। नाव संचालन के दौरान लाइफ जैकेट पहनना भी अनिवार्य रहेगा।
नवरात्रि में विंध्याचल जाने वाले श्रद्धालुओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
श्रद्धालुओं को मंदिर की दर्शन व्यवस्था, कतार और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। गंगा घाट पर भी प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा निर्देशों को मानना जरूरी होगा।