मिर्जापुर में नकली सोना बेचकर लोगों से ठगी करने वाले कथित गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई की है। STF की वाराणसी यूनिट ने पड़री थाना क्षेत्र में अभियान चलाकर दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, तलाशी के दौरान उनके पास से 33 नकली गिन्नियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी दुकानदारों को खुदाई के दौरान मिला सोना बाजार मूल्य से कम, यानी आधी कीमत पर बेचने का झांसा देते थे। पहले वे अपने झूठे दावे से दुकानदारों का भरोसा जीतते और बाद में असली सोने के बजाय नकली गिन्नियां थमाकर पैसे लेकर फरार हो जाते थे।
मिर्जापुर में STF की बड़ी कार्रवाई: पड़री क्षेत्र में दो संदिग्ध गिरफ्तार
STF की वाराणसी फील्ड यूनिट ने 23 सितंबर 2026 को मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र स्थित तिगोड़वा अंडरपास के पास कार्रवाई की। अभियान के दौरान कथित गिरोह से जुड़े दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई से जुड़ी अन्य जानकारी में नकली सोने की गिन्नियों और मोबाइल फोन की बरामदगी का भी उल्लेख है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी अजय बिंद और गाजीपुर निवासी बृजेश उर्फ बलराम के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान दोनों के पास से पीले रंग की 33 नकली गिन्नियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
आधे दाम पर सोना बेचने का लालच देकर दुकानदारों को बनाते थे निशाना
पुलिस की जांच के अनुसार, कथित गिरोह के सदस्य दुकानदारों को बाजार भाव से कम कीमत पर सोना बेचने का झांसा देते थे। इसके लिए वे ऐसे दुकानदारों और बाजारों की तलाश करते थे, जहां कारोबार अच्छा चलता हो। इसके बाद सस्ते सोने का लालच देकर ठगी की योजना को अंजाम देने का आरोप है।
आरोप है कि गिरोह के सदस्य दुकानदारों से संपर्क करने के लिए उनकी दुकानों के बाहर लगे बोर्ड से नाम और मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद फोन करके उन्हें कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था।
दुकानदारों को बताया जाता था कि किसी मजदूर को खुदाई के दौरान सोना मिला है और वह पुलिस या अन्य लोगों के डर से उसे कम कीमत पर बेचना चाहता है। इसी कहानी के जरिए दुकानदारों का विश्वास जीतने का प्रयास किया जाता था।
पहले असली सोना दिखाकर दुकानदारों का भरोसा जीतते थे आरोपी
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कथित गिरोह के सदस्य दुकानदारों का विश्वास हासिल करने के लिए शुरुआत में उन्हें असली सोने का छोटा टुकड़ा दिखाते थे। इसके जरिए वे दुकानदारों को अपने झांसे में लेने और आगे की ठगी को अंजाम देने की कोशिश करते थे।
जब दुकानदार उस टुकड़े की जांच किसी सुनार से करवाते थे और वह असली निकलता था, तो उन्हें बाकी सोना भी असली होने का विश्वास हो जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी इसी भरोसे का फायदा उठाकर आगे की ठगी को अंजाम देते थे।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
सुनसान जगह पर बुलाकर नकली गिन्नियां देने का आरोप
STF की जांच के मुताबिक, दुकानदारों का विश्वास जीतने के बाद उन्हें किसी सुनसान स्थान पर बुलाया जाता था। आरोप है कि वहां नकदी लेने के बाद उन्हें पीले रंग की नकली गिन्नियां दे दी जाती थीं।
इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते थे। रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह की एक घटना में लगभग 7 से 10 लाख रुपये तक की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और इसके साथ कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं।
2 लाख रुपये लेकर बुलाए गए व्यक्ति के जरिए हुई कार्रवाई
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर को गिरोह के सदस्यों ने चुनार क्षेत्र के निवासी अजय भारती को कथित तौर पर 2 लाख रुपये लेकर तिगोड़वा अंडरपास के पास बुलाया था।
इसके बाद STF ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
नकली सोने की ठगी के मामले में गिरोह पर पहले से दर्ज हैं तीन केस
STF की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े ठगी के तीन मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पड़री थाने में 2.25 लाख रुपये और 6 लाख रुपये की कथित ठगी से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, चुनार थाने में भी 5.50 लाख रुपये की ठगी से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, गिरोह द्वारा अब तक करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) में मामला
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ मिर्जापुर के पड़री थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों, संभावित पीड़ितों और ठगी की अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
नकली सोने की ठगी से कैसे बचें?
सस्ते दाम पर सोना मिलने का दावा करने वाले लोगों से सावधान रहना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति खुदाई से मिले सोने या बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर सोना बेचने का दावा करता है, तो उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल किए बिना किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना चाहिए।
नकली सोने की ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- केवल भरोसेमंद और प्रतिष्ठित ज्वेलर से सोना खरीदें।
- सोने की शुद्धता की जांच स्वतंत्र और विश्वसनीय केंद्र से करवाएं।
- किसी छोटे टुकड़े के असली निकलने के आधार पर पूरी खेप को असली न मानें।
- सुनसान स्थान पर नकद लेन-देन करने से बचें।
- सोना खरीदने से पहले वजन, शुद्धता और बिल की जांच करें।
- संदिग्ध सौदे या व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को बड़ी रकम देने से पहले पूरी जानकारी सत्यापित करें।
निष्कर्ष
मिर्जापुर में STF की कार्रवाई के बाद नकली सोने की गिन्नियां बेचकर कथित ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 33 नकली गिन्नियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोप है कि गिरोह के सदस्य दुकानदारों को खुदाई से प्राप्त सोना आधी कीमत पर बेचने का झांसा देते थे। इसके बाद नकली गिन्नियां सौंपकर उनसे पैसे ऐंठ लेते और मौके से फरार हो जाते थे।
आगे की पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही गिरोह की पूरी गतिविधियों तथा इससे जुड़े अन्य संभावित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मिर्जापुर नकली सोना ठगी मामले से जुड़े सवाल
मिर्जापुर में नकली सोना बेचने के मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
STF की जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 33 नकली गिन्नियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरोह दुकानदारों को किस तरह ठगी का शिकार बनाता था?
पुलिस के अनुसार, दुकानदारों को खुदाई में मिला सोना आधे दाम पर बेचने का लालच दिया जाता था। इसके बाद नकली गिन्नियां देकर नकदी लेने का आरोप है।
एक वारदात में कितने रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है?
रिपोर्टों के अनुसार, एक घटना में लगभग 7 से 10 लाख रुपये तक की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी कहां हुई?
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र में तिगोड़वा अंडरपास के पास होने की जानकारी दी गई है।
आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धारा में मामला दर्ज है?
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।